सर्वोच्च लेखा परीक्षा संस्थान भारत

भारत में साई (सर्वोच्च ऑडिट संस्थान) भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग है I यह जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक उपकरण के रूप में कार्य करता है I भारत के संविधान ने साई को देश में लेखापरीक्षकों के रूप में कार्य करने के लिए अनिवार्य कर दिया है I नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षा और भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग साई इंडिया के घटक हैं I भारत का सर्वोच्च ऑडिट संस्थान केंद्रीय और राज्य सरकार का लेखा-जोखा करता है और राज्य सरकारों के खातों का भी रख रखाव करता है I
2. Role of SAI India :- भारतीय शासन व्यवस्था में नीतियों को संसद और राज्य विधायिकाओं द्वारा निर्धारित किया जाता है जो सार्वजनिक खर्चों के माध्यम से प्राप्त किए जाने वाले लक्ष्यों को प्रदान करते हैं I ये नीतियां कार्यक्रमों में अनुदित होती हैं और सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा कार्यान्वित की जाती हैं। इसके लिए संसद संग्रह के तरीके, संग्रह की राशि और उद्देश्य जिसके लिए राशि खर्च की जानी है, के ब्योरे के साथ बजट स्वीकृत करती है I सरकारी विभाग संसद को उनके व्यय की मात्रा और गुणवत्ता के लिए जवाबदेह हैं I भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) सरकारी विभागों की जवाबदेही को लागू करने में संसद की सहायता करता है। ऑडिट लोकतंत्र के चार मुख्य स्तंभों में से एक है, अर्थात् (i) संसद, (ii) न्यायपालिका, (iii) प्रेस और (iv) लेखा परीक्षा I संविधान के अनुच्छेद 148 में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की सेवा की नियुक्ति, निष्कासन, वेतन, नियम और शर्तों का वर्णन किया गया है।